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alwar @ 'मैं तुम्हे फिर मिलूंगी नाटक में दर्शक भाव विभोर

Kailash Chand Sharma

Publish: Sep 23, 2019 01:00 AM | Updated: Sep 23, 2019 01:00 AM

Alwar

'मैं तुम्हे फिर मिलूंगी नाटक में दर्शक भाव विभोर


अलवर. रंग संस्कार थियेटर ग्रुप अलवर तथा आई. ई. टी ग्रुप ऑफ एटीट्यूट अलवर के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय रंगबाज थिएटर फेस्टिवल में आज 22 सितंबर को डॉ. राम प्रसाद दाधीच की ओर से लिखित एवं डॉ. एस.पी. रंगा की ओर से निर्देशित नाटक मैं तुम्हें फिर मिलूंगी का मंचन आई.ई.टी, कैम्पस, एम.आई.ए में किया गया। इस नाटक में मूलत: नाटककार ने हिंदी साहित्य की लेखिका अमृता प्रीतम के जीवन को केन्द्र बनाया है। नाटककार का कहना है कि अमृता को जानना है तो उनके रचनाकर्म से जाना जा सकता है। एक बेबाक और अपनी शर्तों पर जीने वाली औरत के जीवन में किस तरह के बदलाव होते हैं, समाज को लेकर, प्रेम को लेकर एवं साहित्यिक रचनाओं को लेकर किस तरह से आम जन को वह देखती हैं या आम जन उन्हें देखता है। इन सब को लेखक ने इस नाटक में प्रस्तुत किया है। हास्य के पुट के कारण नाटक बहुत रोचक लगता है।
मैं तुम्हें फिर मिलूंगी नाटक बहुत प्रभावी रहा। यह नाटक अपने आप में एक अनूठा प्रयोग रहा। नाटक में अंत तक दर्शकों को बांधे रखा और अनेक परिस्थितियों में लोगों को गुदगुदा ने के साथ-साथ गंभीर चिंतन की और भी विचार करने के लिए प्रेरित किया। मूलत: नाटक लेखिका अमृता प्रीतम के जीवन पर आधारित है। अमृता प्रीतम साहित्य जगत में एक ऐसा नाम, जिन्होंने अपनी रचनाओं के कारण लोगों को प्रभावित किया। इस नाटक में अमृता प्रीतम के जीवन के साथ साथ उनकी रचना धर्मिता, समाज तथा अनेक घटनाओं को नाटक में प्रस्तुत करने की कोशिश की है।
नाटक के अंदर अमृता प्रीतम के जीवन के अनेक किस्सों को बयां किया गया है। जिसमें यह बताया गया है कि कैसे एक औरत अपनी शर्तों पर जीने के कारण अनेक सामाजिक कटाक्षा से रूबरू होती है। समाज से अलग होकर समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाती है। एक औरत खुला आस्मान और बंद कमरे की छत दोनों की कैसे जरूरत होती है। अमृता प्रीतम के प्रेम संबंधों से यह इस नाटक में बताया गया है। अपने प्रेम और जीवन के महत्व को बताती हुई लेखिका ऐसी अनुभूति का एहसास कराती है कि मैं तुम्हें सिर्फ मिलूंगी। मैं तुम्हें फिर मिलूंगी नाटक की प्रस्तुति एक रूहानी सफर के साथ-साथ एक आत्मिक आनंद की अनुभूति भी करवाती है। कलाकारों के श्रेष्ठ अभिनय कोशल तथा तकनीक और आकर्षक मंच परिकल्पना ने नाटक से दर्शकों को बहुत प्रभावित किया। मंच पर अभिनय करने वाले पात्रों में अमृता प्रीतम का किरदार निभाया डॉ. अनुराधा आडवाणी ने, साहिर की भूमिका निभाई डॉ. सुरेश प्रसाद रंगा, इमरोज की भूमिका, मजाहिर सुल्तान जई, नवराज का रोल सुधांशु मोहन ने निभाया।