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अलवर में हो रहा है प्रसुताओं से एेसा बर्ताव, एक कंबल में रात गुजारने को मजबूर है प्रसुताएं

Jyoti Sharma

Publish: Dec 07, 2019 13:20 PM | Updated: Dec 07, 2019 13:20 PM

Alwar

अलवर में हो रहा है प्रसुताओं से एेसा बर्ताव, एक कंबल में रात गुजारने को मजबूर है प्रसुताएं

जनाना अस्पताल व शिशु चिकित्सालय में सर्दी से बेहाल हो रही जननियां

अलवर. सर्दी के चलते इन दिनों तेज ठंड पड रही है, हर दिन तापमान गिरता जा रहा है। दिन का तापमान १० डिग्री से नीचे तक आ रहा है, एेसे में आम आदमी भी रजाई में दुबकने को मजबूर है। लेकिन सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को हर दिन ठंड से जूझना पड रहा है क्योंकि मरीज को ओढऩे के लिए एक ही कंबल दिया जाता है।

एेसे हालात में सर्दी से बचने के लिए मरीज अपने घर से बिस्तर ही साथ लेकर आ रहे हैं। सर्द रातों में निकल रही है जननियों की आहें जननियों को एक पतले कंबल के सहारे रात गुजारने के लिए मजबूर है। एेसे में जननियों की सर्द रातों में आहें ही निकलने लगती है। लाल रंग के ये कंबल इतने पतले हैं कि इनमें ठंड ठहर ही नहीं पाती है। लेकिन इसे ओढऩा भी इन जननियों की मजबूरी है। आखिर कहें किससे, इनकी सुनें कौन, क्योंकि अधिकतर महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों से हैं और अपने हक के लिए आवाज ही नहीं उठाती है।
शिशु अस्पताल में जननियों को नहीं मिल रहे कंबल

शिशु अस्पताल में भर्ती जनननियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। जिन जननियों के बच्चे शिशु अस्पताल में भर्ती है उनको अस्पताल में एक भी कंबल नहीं दिया जा रहा है। जबकि अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों के लिए एक एक कंबल दिए जाने का नियम बना हुआ है। एेसे में इनको कंबल की सुविधा से भी वंचित किया जा रहा है। जननियों ने बताया कि उन्हें ना तो कंबल मिला है और ना ही दूध दलिया दिया जाता है। सर्दी तेज है इसलिए रजाई घर से लानी पड़ रही है। इसमें काफी परेशानी होती है।

कमजोर होती है जननियां
एक कंबल से नहीं चलता कामप्रसव होने के कारण जननियां शारीरिक रूप से बहुत कमजोर हो जाती है। इसलिए उन्हें सामान्य लोगों से ज्यादा सर्दी लगती है। इसलिए एक कंबल उन्हें पर्याप्त नहीं होता है। शिशु अस्पताल के वार्ड में भर्ती प्रसुताओं ने बताया कि उनके नवजात शिशुओं को मशीन में रखा हुआ है वो यहां भर्ती है। एेसे में घर भी नहीं जा सकते। एक कंबल कम पड़ता है। सर्दी रूकती ही नहीं है।

वर्जन -
अस्पताल में एक कंबल दिए जाने का प्रावधान है। यदि कोई मांगता है तो उसको दो भी दिए जाते हैं। कंबलों की कोई कमी नहीं है। यदि शिशु अस्पताल में भर्ती प्रसुताओं को कंबल नहीं मिल रही है तो इसकी जानकारी प्रभारी से ली जाएगी। अस्पताल में भर्ती मरीजों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।सुनील चौहान, पीएमओ, सामान्य चिकित्सालय , अलवर।

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