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क्वालिटी के नाम पर बेच रहे स्टिकर लगे फल

Pradeep kumar yadav

Publish: Sep 10, 2019 18:00 PM | Updated: Sep 10, 2019 18:00 PM

Alwar

आमजन की सेहत से खिलवाड़


अलवर. बहरोड़ शहर में लगने वाली फलो की रेहडिय़ों पर बिकने वाले फलों पर स्टीकर लगे दिखाई दे रहे हैं। ग्राहक इन फलों को उच्च गुणवत्ता का समझ कर अधिक रुपए पर खरीद लेता है, जबकि फलों पर लगे यह स्टीकर न तो किसी संस्था,सरकार द्वारा प्रमाणित है और न ही यह किसी कंपनी का मार्का है। यह सिर्फ फलों को अधिक दामों में बेचने का तरीका है। इन स्टीकरों के फलों पर लगते ही दाम बढ़ जाते हैं। ऐसे में दुकानदार कम क्वालिटी के फल ऊंचे दामों पर बेच देते हंै। फल व्यापारियों ने बताया कि जिन फलों की परत मोटी होती है उन पर इन स्टीकरों को लगाना अन्य फलों की अपेक्षा अधिक सुविधा जनक होता है। जिन फलों की परत मोटी होती है उनमें अंदर स्टीकरों के लगा हुआ केमिकल नहीं जा सकता है। ग्राहक स्टीकर लगा फल देखकर उसे उच्च क्वालिटी का समझ कर खरीद लेता है। वास्तिवकता में फल विक्रेता जिन स्टीकरों का उपयोग फलों पर लगाने में करते है उनका एक हजार पीस का पैकेट चालीस पचास रुपए में मिल जाता है। जब फल विक्रेता इन स्टीकरों को फल पर लगाता है तो इनके दामों में बीस तीस प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाती है।
स्टिकरों में होता है केमिकल
फलों पर लगाए जाने वाले स्टीकरों पर खतरनाक केमिकल लगा हुआ होता है, जिस पर केन्द्र सरकार ने रोक लगा रखी है लेकिन उसके बाद भी इसका धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है।
नहीं होती है कोई कार्रवाई

स्टीकर लगे हुए फलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते हंै इसी का नतीजा है कि कस्बे में लगने वाली ज्यादातर रेहडिय़ों पर स्टीकर लगे हुए फल आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे।