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भिवाड़ी नगर परिषद का होर्डिंग हटाओ अभियान, खुद नगर परिषद के सभापति का होर्डिंग भी हटाया

Lubhavan Joshi

Publish: Sep 20, 2019 18:10 PM | Updated: Sep 20, 2019 18:10 PM

Alwar

भिवाड़ी नगर परिषद की ओर से होर्डिंग हटाए जा रहे हैं। नगर परिषद की ओर से सभापति का होर्डिंग भी हटा दिया गया।

भिवाड़ी. राजस्व हानि की भरपाई के लिए नगर परिषद की ओर से मंगलवार से चलाए जा रहे अभियान के दूसरे दिन भिवाड़ी-टपूकड़ा बाईपास पर करीब 200 छोटे-बड़े अवैध होर्डिंग्स और करीब 25 बड़े यूनीपॉल हटाए गए। गुरुवार को परिषद के जाब्ते ने खिजूरीवास टोल नाके से लेकर अलवर बाईपास के कोने तक अभियान चलाया। हालांकि इस दौरान परिषद के दस्ते का कुछ जगह मामूली विरोध हुआ, लेकिन पुलिस जाब्ता साथ होने से अधिक विरोध नहीं हो पाया। इस दौरान करीब 50 नगर परिषद कर्मियों के दस्ते ने जेसीबी और लिफ्टर मशीन से यूनीपॉल और होर्डिंग्स को धराशाई कर दिया।

आशियाना गार्डन सोसायटी का एक होर्डिंग ध्वस्त करने के दौरान थोड़ा विरोध हुआ तो दूसरा होर्डिंग स्वयं हटाने के लिए दो घंटे का समय दिया गया। वहीं नेतागिरी करने आए कई लोगों को पुलिस बल और मौजूद लोगों की समझाइश से शांत किया गया।

23 सितंबर को होगा ई-टेंडर

नगर परिषद की राजस्व अधिकारी मनीषा यादव ने बताया कि परिषद की ओर से 23 सितंबर से 1.2 करोड़ के ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। जिसमें तीनों तरह की संपत्तियों पर होर्डिंग लगाने के टेंडर आमंत्रित होंगे। इसमें निजी संपत्ति, लाइट पोल वाले होर्डिंग-बैनर और यूनीपॉल वाले टेंडर आमंत्रित शामिल रहेंगे।

सभापति का भी हटाया होर्डिंग

नगर परिषद के अवैध होर्डिंग्स और यूनीपॉल हटाओ अभियान के दौरान भिवाड़ी-टपूकड़ा बाईपास स्थित नगर परिषद के वर्तमान सभापति संदीप दायमा के निजी कार्यालय बड़ा होर्डिंग भी हटाया गया। यह होर्डिंग सभापति दायमा के कार्यालय के बाहर बाईपास पर लगा था। भिवाड़ी भाजपा के सभी कार्यक्रम अक्सर इसी कार्यालय में हुआ करते हैं।

4 वर्ष से नहीं हो पाए होर्डिंग्स के टेंडर

नगर परिषद चुनाव 2014 में संपन्न होने के बाद वर्ष 2016-17 में सम्मिलित रूप से तीनों तरह की संपत्तियों के लिए टेंडर हुए थे। लेकिन कितनी राशि के और किस मद में टेंडर हुए इसकी जानकारी परिषद अधिकारियों को नहीं है। लेकिन 2018-19 में तीनों तरह की संपत्तियों के लिए अलग-अलग टेंडर आमंत्रित करने पर केवल निजी संपत्ति पर होर्डिंग-बैनर वाला 17.51 लाख का टेंडर हो पाया। इस लिहाज से देखें तो लाइट पोल और यूनीपॉल पर गत 4 वर्षों से शहर मेंं अवैध ढंग से होर्डिंग लगाए जा रहे थे। इन अवैध होर्डिंग के चलते नगर परिषद को हर वर्ष 50 लाख से अधिक की राजस्व हानि हो रही थी। चार साल की राजस्व हानि का हिसाब लगाया जाए तो यह राशि 2 करोड़ से अधिक होती है। इस संबंध में नगर परिषद की ओर से बीते चार सालं में किसी तरह का कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिससे राजस्व नुकसान रोका जाता।