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राजस्थान में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले शहर में प्रदूषण के कारण संकट, रोज हो रहा करोड़ों का नुकसान, हजारों श्रमिक हुए बेरोजगार

Lubhavan Joshi

Publish: Nov 14, 2019 10:23 AM | Updated: Nov 14, 2019 10:23 AM

Alwar

Bhiwadi Industries Pollution : राजस्थान को सबसे अधिक राजस्व देने वाला शहर है भिवाड़ी, लेकिन अब यहां रोज करोड़ों का नुकसान हो रहा है। हजारों श्रमिक फिलहाल बेरोजगार हो गए हैं।

अलवर/भिवाड़ी. राजस्थान में सबसे अधिक राजस्व देने वाले शहर को रोज करोड़ों का नुकसान हो रहा है। दीपावली के बाद एनसीआर में एकाएक बढ़े वायु प्रदूषण को लेकर भिवाड़ी की बॉयलर एवं कोयला आधारित 335 औद्योगिक इकाइयों पर पहले 5 नवंबर प्रात: काल तक संचालन पर रोक लगाई गई और फिर इसे बढ़ाकर 14 नवंबर तक कर दिया। वहीं बुधवार शाम देहली में हुई एनजीटी की बैठक में इसे 15 नवंबर को शाम तक एक दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है। इससे 10 हजार श्रमिक एक पखवाड़े से बेरोजगार हो गए हैं और उद्योगों को करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया है। लघु उद्योग भारती की ओर से 14 नवंबर गुरुवार को दोपहर दो बजे रीको चौक पर इसके खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।

एनजीटी की बैठक में भाग लेने दिल्ली गए राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी विवेक गोयल ने बैठक के समापन पर पत्रिका को बताया कि इस पाबंदी को एक दिन के लिए और बढ़ाकर 15 नवंबर को सायंकाल तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। वहीं लघु उद्योग भारती की बुधवार दोपहर ओरिएंट सिंटेक्स में हुई बैठक में इस पाबंदी के विरोध में गुरुवार को दोपहर 2 बजे रीको चौक पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।

भिवाड़ी श्हर राजस्थान को सबसे अधिक 12 प्रतिशत जीएसटी देता है। लेकिन यहां इस समय प्रदूषण की वजह से औधोगिक इकाइयां बंद है। इस वजह से हजारों श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं।

बैठक में लघु उद्योग भारती पदाधिकारियों ने कहा कि इससे 10 हजार से अधिक मजदूर बेरोजगारी का शिकार हुए हैं और उद्योगों को भी करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पडा है। बैठक में भिवाड़ी में लगाई पाबंदी को अनुचित बताते हुए कहा कि इन दिनों चावल की फसल की कटाई के बाद पराली के रूप में जो अवशेष बचता है, उसे जलाने से वातावरण में एक सफे द चादर बन जाती है। और पराली को भिवाड़ी में नहीं एनसीआर के हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में जलाया जा रहा है। जिसका खामियाजा भिवाड़ी के उद्योग भुगत रहे हैं।

इन दिनों जो हवाओं का रुख उतर से दक्षिण की ओर होता है, जो किसी भी प्रकार से दिल्ली के वातावरण को प्रदूषित नहीं करता। एनजीटी द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए भिवाड़ी की लगभग 335 इकाइयों को पहले 4 नवंबर तक बंद किया, उसके बाद 11 नवंबर और फिर 14 नवंबर तक बंद कर दिया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि अब अवधि को और बढ़ा दी जाए।

अवधि बढ़ाने पर इसके विरोध में सभी उद्योगों के उद्यमी और कर्मचारी भिवाड़ी में गुरुवार को दोपहर 2 बजे लघु उद्योग भारती के बैनर तले विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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