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सावधान: अवैध बजरी माफिया का आतंक

Kailash Chand Sharma

Publish: Dec 12, 2019 02:08 AM | Updated: Dec 12, 2019 02:08 AM

Alwar

सावधान: अवैध बजरी माफिया का आतंक


अलवर. खान माफिया का दंश झेल चुके अलवर जिले में अब बजरी परिवहन माफिया का खतरा मंडराने लगा है।
भरतपुर व धौलपुर की तर्ज पर अब अलवर जिले में भी बजरी माफिया कार्रवाई करने वाली टीम पर हमलावर होने लगे हैं। जिले में बजरी माफिया की ओर से वन एवं खनिज विभाग की टीम पर हमले की बढ़ती घटनाओं से समस्या के विकराल होने की आहट सुनाई पडऩे लगी है।
अलवर जिले में खनिज विभाग की वर्तमान में बजरी खनन की एक भी लीज नहीं है। फिर भी जिले में निर्माण कार्यों के लिए बजरी का ज्यादा संकट नहीं है। इसका कारण पडोसीे जिलों से बजरी का अवैध परिवहन व जिले में कई स्थानों पर अवैध तरीके से बजरी खनन होना है। अवैध परिवहन व अवैध खनन से जिले में बजरी की मांग तो पूरी हो रही है, लेकिन इससे भ्रष्टाचार व आपराधिक घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है।
चालान करने व पेनल्टी वसूलने तक कार्रवाई : जिले में बजरी के अवैध परिवहन व
खनन के खिलाफ जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई केवल पकड़े गए ट्रैक्टरों का चालान काटने और उनसे पेनल्टी वसूलने तक सीमित रही है। जिले में प्रशासन, पुलिस, खनिज, वन, परिवहन विभाग की बजरी के अवैध खनन व परिवहन के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई का लंबे समय से इंतजार ही
रहा है।
अवैध खनन में अलवर आगे
इस वर्ष एक जनवरी से ३० जून तक अलवर जिले में बजरी तस्करी के ७५ मामले दर्ज किए गए। वहीं ७५ लोगों पर ७२ चालान काटे गए। वहीं एक अप्रेल से अब तक खनिज विभाग की ओर से बजरी तस्करी के ६३ मामले पकड़े गए हैं तथा तीन मामलों में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। बजरी तस्करी के मामले में भीलवाड़ा, जयपुर ग्रामीण, बूंदी व झालावाड़ ही दर्ज मामलों की संख्या में आगे हैं, जबकि राजस्थान के अन्य जिले अलवर बजरी तस्करी के मामलों में पीछे हैं।
संगठित गिरोह बनाकर करते हैं परिवहन
बजरी का अवैध परिवहन करने वाले अब संगठित गिरोह बनाकर कार्य करते हैं। गिरोह के सदस्य बजरी के अवैध परिवहन व खनन से लेकर उसके बेचने तक संरक्षण देते हैं। इस कार्य में अवरोध डालने वाले वन, खनिज, प्रशासन व पुलिस कर्मियों पर गिरोह के सदस्य संगठित होकर पथराव, मारपीट की घटनाओं को अंजाम देने के साथ ही पकड़े गए बजरी भरे ट्रैक्टर व डम्पर को जबरन छुड़ा ले जाते हैं।

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