स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

alwar plantaion news बारिश का आंकड़ा नहीं बढ़ा तो पौधों पर मंडरा सकता है संकट

Prem Pathak

Publish: Aug 14, 2019 06:00 AM | Updated: Aug 13, 2019 23:51 PM

Alwar

इस बार जिले में मानसून की बेरुखी नन्हें पौधों alwar plantaion news को भारी पड़ सकती है। वन विभाग ने अच्छी बारिश की उम्मीद में इस साल जिले में पांच लाख नए पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया, लेकिन औसत बारिश का आंकड़ा 237 एमएम पर अटक जाने से विभाग की चिंता भी बढ़ गई है।

अलवर. इस बार जिले में मानसून alwar plantaion news की बेरुखी नन्हें पौधों को भारी पड़ सकती है। वन विभाग ने अच्छी बारिश की उम्मीद में इस साल जिले में पांच लाख नए पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया, लेकिन औसत बारिश का आंकड़ा 237 एमएम पर अटक जाने से विभाग की चिंता भी बढ़ गई है।

मानसून के दो महीने का समय बीत चुका है और अभी जिले में औसत बारिश 237.04 एमएम ही हो पाई है। मानसून की विदाई में महज एक महीने का समय बचा है, ऐसे में कम बारिश ने चहुंओर चिंता बढ़ा दी है। कम बारिश से सबसे चितिंत किसान हैं, वहीं वन विभाग को भी पौधों को बचाने की चिंता सताने लगी है। मानसून सक्रिय होने का ज्यादातर समय बीत चुका है।

अभी तक जिले में 4 लाख पौधे लगाए

alwar plantaion news वन विभाग की ओर से इस साल अब तक 4 लाख से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि पूर्व में कुछ मौकों पर अच्छी बारिश होने से फिलहाल नए लगाए पौधों को ज्यादा परेशानी नहीं है, लेकिन अभी अच्छी बारिश होने की जरूरत है। बारिश जितनी अच्छी होगी, जमीन में ज्यादा दिनों तक नमी रहेगी, इससे नए पौधों को पानी की जरूरत कम हो जाएगी और पौधों के खराब होने की संख्या कम रहेगी।

वन विभाग में पौधों को पानी का नहीं प्रावधान

वन विभाग में हर साल नए पौधे लगाने का प्रावधान तो है, लेकिन जरूरत होने पर उनमें पानी देने के लिए बजट का प्रावधान नहीं है। इससे मानसून के बाद पौधों को पानी की आवश्यकता पूरी करना विभाग के बस में नहीं रहता। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में पौधों में पानी पहुंचाना भी मुश्किल होता है। ऐसे में मानसून के दौरान अच्छी बारिश ही नए पौधों के जीवन बचाने का एक मात्र उपाय है।

अभी औसत बारिश का आधा सफर भी पूरा नहीं

इस साल अलवर जिले में अब तक 237.04 एमएम बारिश दर्ज की जा सकी है, जबकि जिले में वार्षिक औसत वर्षा 555 मीमी है। अब तक अलवर में 329, रामगढ़ में 243, मुण्डावर में 115, बहरोड़ में 323, बानसूर में 276, लक्ष्मणगढ़ में 265, तिजारा में 221, कठूमर में 136, किशनगढ़बास में 207, मालाखेड़ा में 301, राजगढ़ में 232, टपूकड़ा में 112, बहादरपुर में 160, नीमराणा में 184, थानागाजी में 369, कोटकासिम में 376, गोविंदगढ़ में 124, जयसमंद में 48, मंगलसर में 214, सोडावास में 455 व सिलीसेढ़ में 268 मीमी बारिश दर्ज की जा सकी है, यानि जिले में कुल बारिश का आंकड़ा 5215 एमएम तक पहुंचा है।

फिलहाल पौधे ठीक, बाद में हो सकती है परेशानी

जिले में फिलहाल नए लगाए गए पौधे ठीक है, लेकिन बारिश का आंकड़ा नहीं बढता है और आगामी दिनों में मौसम गर्म रहता है तो पौधों को परेशानी हो सकती है।

डॉ. आलोक गुप्ता

डीएफओ, वन मंडल अलवर