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अलवर नगर परिषद के सभापति का पद फिर से सामान्य वर्ग के हिस्से में आया, इस बार नए नियम के कारण रोचक होंगे चुनाव

Lubhavan Joshi

Publish: Oct 21, 2019 09:02 AM | Updated: Oct 21, 2019 09:02 AM

Alwar

Alwar Nagar Parishad Elections Lottery : अलवर नगर परिषद के सभापति की सीट पर सामान्य वर्ग की लॉटरी निकली है।

अलवर. Alwar Nagar Parishad Elections : जिले की सबसे बड़ी ( Alwar Nagar Parishad ) अलवर नगर परिषद की सभापति की कुर्सी लगातार दूसरी बार सामान्य वर्ग के खाते में गई है। जिसके कारण नगर परिषद के चुनाव में घमासान होना तय है। इस बार नगर परिषद के 65 में से 25 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इनके अलावा 12 वार्ड सामान्य महिला वर्ग के खाते में गए हैं। इस तरह कुल 37 वार्ड सामान्य वर्ग की झोली में हैं। संभवतया इन वार्डों में से ही शहर की सरकार का अगला मुखिया बनेगा। वैसे सभापति की सामान्य सीट पर किसी भी वर्ग का पार्षद चुनाव लडऩे के योग्य है। लेकिन, आम तौर पर प्रमुख पार्टियां सामान्य वर्ग की सीट पर सामान्य वर्ग के पार्षदों को ही महत्व देती रही हैं। लेकिन, इस बार का चुनाव थोड़ा अलग है। सरकार ने बिना पार्षद बने भी सभापति या नगर पालिका अध्यक्ष बनने का रास्ता निकाल दिया है। जिसके कारण राजनीतिक पार्टियां आखिरी तक जोड़-तोड़ का गणित देखेंगी। सभापति की कुर्सी पाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

सामान्य वर्ग इन 25 वार्डों के टिकट पर घमासान

1, 3, 6, 8, 9, 12, 14, 17, 18, 19, 21 ,29, 31, 35, 36, 38, 39, 51, 53, 54, 59, 60, 61, 63, 65

निगाह इन सामान्य महिला वार्डों पर भी

20, 23, 28, 32, 40, 43, 45, 47, 50, 52, 58, 64

इस बार किस वर्ग के कितने वार्ड (कुल संख्या)

सामान्य वर्ग 25, सामान्य महिला 12, ओबीसी पुरुष 9, ओबीसी महिला 5, एससी पुरुष 7, एससी महिला 4, एसटी 2, एसटी महिला 1

लॉटरी से पहले अफवाह भी

रविवार को सभापति की लॉटरी निकालने के बाद अलवर सीट को लेकर काफी देर अफवाह भी रही। अधिकतर ने सोशल मीडिया पर गलत सूचना जारी कर दी कि अलवर सीट पर अनुसूचित जाति वर्ग की लॉटरी निकली है। जबकि लॉटरी सामान्य वर्ग की निकली। जिसके कारण बहुत देर तक असमंजस रहा।

अब तक के सभापति पर एक नजर

1994 में योगेश सैनी सामान्य सीट, इसी कार्यकाल में न्यायालय व सरकार के जरिए संजय नरूका, शिवलाल भी बने।

1999 में मीना सैनी ओबीसी महिला वर्ग से, इसी कार्यकाल में सैनी को हटाकर शकुंतला सोनी बनी।

2004 में अजय अग्रवाल जनरल सामान्य वर्ग पर।

2009 ओबीसी महिला हर्षपाल कौर सीधे चुनाव से जीती। इसी कार्यकाल में कमलेश सैनी, फिर सुनीता खाम्बरा बनी और आखिरी में वापस हर्षपाल कौर बनी

2014 में सामान्य सीट पर मौजूद सभापति अशोक खन्ना चुनकर आए। पूरा कार्यकाल रुके।