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नगर निकाय चुनाव में भाजपा की हार के बाद अंदरूणी कलह शुरु! इस नेता ने कहा कि भाजपा ने ही भाजपा को हराया है

Lubhavan Joshi

Publish: Nov 28, 2019 10:55 AM | Updated: Nov 28, 2019 10:55 AM

Alwar

Rajasthan Nikay ELections : निकाय चुनाव में भाजपा की हार के बाद भाजपा से सभापति पद के प्रत्याशी ने कहा है कि भाजपा ने ही भाजपा को हराया है।

अलवर. नगर परिषद सभापति चुनाव में कांग्रेस से भारी होने के बावजूद भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा। सभापति पद के लिए भाजपा प्रत्याशी रहे धीरज जैन ने अप्रत्याशित हार के लिए पार्टी के ही कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया। बुधवार को उप सभापति चुनाव के लिए वोटिंग करने आए धीरज जैन बोले कि भाजपा के कुछ जयचंदों ने ही भाजपा को हराया है। उप सभापति पद पर जीत के बाद जैन ने सवाल उठाया कि आखिर उतने ही लोग साथ थे तो एक दिन पहले शिकस्त क्यों खानी पड़ी? पत्रिका के सवालों पर धीरज के जवाब खुद उनके संगठन के लिए सवाल साबित हो रहे हैं। पेश है जैन से पत्रिका की बातचीत के अंश।

सवाल : अलवर नगर परिषद सभापति चुनाव में क्रॉस वोटिंग के कारण भाजपा को हार झेलनी पड़ी। क्रॉस वोटिंग के क्या कारण रहे?

जवाब : हमारे ही कुछ लोगों ने खिलाफत कर भाजपा को हराया है। पिछले नगर परिषद बोर्ड में अविश्वास प्रस्ताव में भी इन लोगों ने पार्टी की खिलाफत की थी। इन लोगों ने विधानसभा चुनाव में भी पार्टी की खिलाफत की थी।

सवाल : सभापति चुनाव में पार्टी की खिलाफत करने वालों के खिलाफ आप क्या करेंगे?
जवाब : मैं पार्टी के इन जयचंदों की शिकायत पार्टी जिलाध्यक्ष, शहर विधायक और पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को करुंगा। ताकि इनके खिलाफ कार्रवाई हो।

सवाल : यदि पार्टी इन सबके खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो फिर ऐसी स्थिति में क्या आप भाजपा में रहेंगे या नहीं?
जवाब : मैं भाजपा का सिपाही हूं। पूरी इमानदारी और निष्ठा के साथ आगे भी भाजपा में काम करता रहूंगा। लेकिन यदि पार्टी ने इन जयचंदों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो पार्टी को आगामी पंचायत चुनाव में भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सवाल : सभापति चुनाव में कांग्रेस को 37 और भाजपा को 28 वोट मिले, जबकि अगले ही उप सभापति चुनाव में उलट परिणाम रहे। जिसमें भाजपा को 36 और कांग्रेस को 29 ही वोट मिल सके। ऐसा क्यों हुआ?
जवाब : सभापति चुनाव में क्रॉस वोटिंग के लिए पार्षदों की बोली लगी थी और पार्षद क्रॉस वोटिंग के लिए बिके, जबकि उप सभापति चुनाव में पार्षदों को खरीदने वाला कोई नहीं था। ये लोग बिकाऊ हैं, टिकाऊ नहीं। इन्होंने भाजपा को हराया है, धीरज जैन को नहीं। भविष्य में भाजपा को ऐसे जयचंदों से सावधान रहने की जरुरत है।

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