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साल भर बढ़ते रहे अपराध, अलवर पुलिस का दावा फिर भी हम अव्वल

Prem Pathak

Publish: Jan 10, 2020 23:42 PM | Updated: Jan 10, 2020 23:42 PM

Alwar

अलवर. साल-2019 में अलवर जिला संगीन अपराध से थर्राया रहा हो, लेकिन विभागीय आंकड़ों में अलवर पुलिस ने कई उपलब्धियां हासिल करने का दावा किया है।

अलवर. साल-2019 में अलवर जिला संगीन अपराध से थर्राया रहा हो, लेकिन विभागीय आंकड़ों में अलवर पुलिस ने कई उपलब्धियां हासिल करने का दावा किया है।

अलवर पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख ने शुक्रवार को अन्वेषण भवन में प्रेसवार्ता में बीते साल की पुलिस की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि

वर्ष-2019 में हुई डकैती की सभी वारदातों का पर्दाफाश कर पुलिस ने 99 फीसदी बरामदगी की। लूट में बढ़ोतरी की बावजूद बीते साल में 36 प्रकरणों का खुलासा किया। वर्ष-2018 की 68 प्रतिशत बरामदगी की तुलना में वर्ष-2019 में 80 प्रतिशत बरामदगी रही। चोरी के प्रकरणों में राज्य स्तर पर 41.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। जबकि अलवर जिले में चोरी के प्रकरणों में 36.86 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई एवं बरामदगी 47 प्रतिशत रही। जबकि राज्य स्तर पर बरामदगी 15.56 फीसदी रही। उन्होंने बताया कि हत्या, हत्या का प्रयास व बलवा के प्रकरणों में बढ़ोतरी नहीं हुई। वर्ष-2018 की तुलना में लोकल एवं स्पेशल एक्ट की कार्रवाई में बढ़ोतरी हुई। आम्र्स एक्ट में वर्ष-2018 की तुलना में वर्ष-2019 में अवैध हथियारों की बरामदगी क्रमश: 61 और 93 फीसदी रही। वर्ष-2019 में अलवर जिले में आदतन अपराधियों को चिह्नित कर 1412 व्यक्तियों को पाबंद किया गया। 30 व्यक्तियों के खिलाफ गुण्डा एक्ट और एक व्यक्ति के खिलाफ राजपासा में कार्रवाई की गई। 49 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। टॉप-10 योजना के तहत जिला स्तर पर 129 वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
महिला अत्याचारों में 45 फीसदी वृद्धि

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साल-2019 में महिला अत्याचार सम्बन्धी प्रकरणों में 45 प्रतिशत वृद्धि हुई है। जिले में बलात्कार के प्रकरणों में वृद्धि हुई है, लेकिन प्रकरणों का त्वरित अनुसंधान पूर्ण कर 236 में से 210 प्रकरणों का निस्तारण कर न्यायालय में चालान पेश किया गया।


केस ऑफिसर के 32 प्रकरणों में सजा

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि केस ऑफिसर स्कीम के तहत वर्ष-2019 के प्रारम्भ में 95 केस थे, जिनमें से समीक्षा के बाद 22 केस हटाए गए। बीते साल में 33 प्रकरण बढ़े और कुल 106 प्रकरण रहे। जिनमें से 32 प्रकरणों में सजा, एक में बरी तथा एक में कार्रवाई ड्रॉप की गई।


2523 केस रिवार्ड दिए गए

वर्ष-2019 में सराहनीय कार्य करने पर जिला स्तर पर 2523 केस रिवार्ड मय प्रशंसा पत्र तथा 44 प्रशंसा पत्र दिए गए। सराहनीय कार्य पर कांस्टेबल जान मोहम्मद को हैडकांस्टेबल और हैडकांस्टेबल राधेश्याम को एएसआई पद पर विशेष पदोन्नति मिली।


24 पुलिसकर्मी निलम्बित, 4 बर्खास्त हुए

साल 2019 में 24 पुलिसकर्मियों को निलम्बित किया गया। 112 कर्मियों को 17 सीसीए चार्जशीट दी गई। एसीबी में दोष सिद्ध होने पर 4 कर्मियों को बर्खास्त किया गया।


पुलिसकर्मी के परिवार का आर्थिक सहायता दी

अलवर पुलिस ने वैलफेयर के काम करते हुए मैस स्पर्धा योजना चला थानों की मैस में सुधार किया गया। कांस्टेबल नरेश कुमार की सडक़ दुर्घटना में मौत होने पर उसके परिवार को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही मृतक कांस्टेबल की तीन बहनों की पढ़ाई के लिए प्रति माह 21 हजार रुपए दिए जाएंगे। आत्मरक्षा कौशल योजना के तहत जिले के 23 स्कूलों में 1357 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया।


66 हजार 587 वाहनों का चालान

बीते साल एमवी एक्ट के तहत 66 हजार 587 वाहनों का चालान किया गया। इंटरसेप्टर वाहन द्वारा 9806 वाहनों का चालान किया गया। अलवर पुलिस ने 926 ड्राइविंग लाइसेंस परिवहन विभाग को भेज निलम्बित कराए। सडक़ सुरक्षा अभियान के तहत स्कूलों में 128 प्रशिक्षण दिए गए।


इस साल ये रहेंगी प्राथमिकता

पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख ने बताया कि साल 2020 में संगठित अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। महिला, बच्चों व कमजोर वर्ग पर होने वाले अपराधों त्वरित अनुसंधान व प्रभावी नियंत्रण तथा सडक़ दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में कमी लाना प्राथमिकता रहेगी।

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