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भ्रष्टाचार की हद इतनी, दो से दस हजार में बिक गया अफसरों का ईमान!

Prem Pathak

Publish: Jan 10, 2020 23:14 PM | Updated: Jan 10, 2020 23:14 PM

Alwar

अलवर. जिले में भ्रष्टाचार की अमरबेल तेजी से बढ़ रही है। सरकारी नुमाइंदे काली कमाई के लालच में अपना ईमान बेच रहे हैं। यहां मात्र दो हजार रुपए के लिए एक पुलिस उप निरीक्षक (एसआई) ने भ्रष्टाचार की स्याही से अपने हाथ रंग लिए। वहीं, दस हजार रुपए की खातिर बिजली निगम के सहायक अभियंता (एईएन) ने अपने ऊपर भ्रष्टाचारी का दाग लगा लिया।

अलवर. जिले में भ्रष्टाचार की अमरबेल तेजी से बढ़ रही है। सरकारी नुमाइंदे काली कमाई के लालच में अपना ईमान बेच रहे हैं। यहां मात्र दो हजार रुपए के लिए एक पुलिस उप निरीक्षक (एसआई) ने भ्रष्टाचार की स्याही से अपने हाथ रंग लिए। वहीं, दस हजार रुपए की खातिर बिजली निगम के सहायक अभियंता (एईएन) ने अपने ऊपर भ्रष्टाचारी का दाग लगा लिया।

हर माह एक से दो भ्रष्टाचारियों पर नकेल

जिले में हर माह औसतन एक से दो भ्रष्ट अफसर और कर्मचारी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के हत्थे चढ़ रहे हैं। साल 2019 में अलवर एसीबी ने 14 ट्रैप की कार्रवाई की। जिनमें से 14 सरकारी नुमाइंदों और उनके दलालों को सलाखों के पीछे भी भेजा गया। इसमें 5 पुलिसकर्मी, 4 बिजली निगम के अधिकारी/कर्मचारी, 2 शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा एक-एक चिकित्सा, रीको व राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल थे।

साल-2019 में ये भ्रष्टाचारी पहुंचे सलाखों के पीछे

- 8 जनवरी को जयपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता कार्यालय (पवस) ए-5 के तकनीकी सहायक हितेश कुमार को तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।

- 8 फरवरी को जयपुर डिस्कॉम नीमराणा के सहायक अभियंता रमेशचंद मीणा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते दबोचा।

- 5 मार्च को राजीव गांधी सामान्य अस्पताल के कनिष्ठ सहायक मनोज कुमार शर्मा को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा।

- एक अप्रेल को एमआईए थाने का कांस्टेबल फूलसिंह यादव दस हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ।

-30 मई को राजगढ़ थाने के उप निरीक्षक सुभाषचंद शर्मा को एसीबी ने दो हजार रुपए की रिश्वत लेते धरा।

- 11 जुलाई को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते राजकीय एकलव्य आवासीय विद्यालय पाटण (रैणी) के प्रधानाचार्य राजबहादुर मीणा और अध्यापक लालजीराम मीणा गिरफ्तार हुए।

- 31 जुलाई को एसीबी ने तिजारा तहसील के महेशरा हलका पटवारी सुमन कुमारी और उसके भाई राहुल तंवर को 91 हजार रुपए की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया।

- 11 अक्टूबर को रीको कार्यालय की शाखा प्रभारी संतोष गोस्वामी को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।

- 9 दिसम्बर को कठूमर थाने के हैडकांस्टेबल प्रताप सिंह चार हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ।

- 18 दिसम्बर को एसीबी ने मांढ़ण थाने के हैडकांस्टेबल यशपाल सिंह को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।

इन्होंने भी मांगी रिश्वत

29 नवम्बर को जयपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता (सतर्कता) रूपसिंह मीणा व दलाल वेदप्रकाश शर्मा ने 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। 30 दिसम्बर को जयपुर डिस्कॉम थानागाजी के सहायक अभियंता देशराज मीणा व दलाल पूर्व ठेकेदार ने 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। इसी प्रकार खेरली थाने के एक पुलिस एएसआई और सीकरी बिजली निगम के जेईएन ने रिश्वत की डिमांड की। इन आरोपियों को एसीबी रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार नहीं कर सकी, लेकिन इन सभी के खिलाफ मामले दर्ज कर जांच की जा रही है।

पद का दुरुपयोग के चार मामले दर्ज

एसीबी अलवर ने साल 2019 में पद का दुरुपयोग के चार मामले दर्ज किए। जिसमें 8 जुलाई को ग्राम पंचायत सोड़ावास की सरपंच गीता देवी व 2 अगस्त को ग्राम पंचायत मुण्डावर के सरपंच सतीश मीणा के खिलाफ पद के दुरुपयोग का मामले दर्ज किए गए। इसी प्रकार 2 नवम्बर को दी अलवर को-ऑपरेटिव बैंक के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक नरेश कुमार अग्रवाल और 23 दिसम्बर को मुण्डावर के तत्कालीन तहसीलदार ओमप्रकाश किन्हा के खिलाफ पद के दुरुपयोग का मामला दर्ज किया गया।

भ्रष्टाचार पर सख्त शिकंजा

जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। साल-2019 में अलवर जिले में एसीबी ने 14 ट्रेप की कार्रवाई की। साथ ही पद के दुरुपयोग के भी चार मुकदमें दर्ज किए गए। आगे भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

- सलेह मोहम्मद, डीएसपी, एसीबी, अलवर।

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