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12 हजार रेल यात्री रोज, एस्क्लिेटर की तैयारी

Dharmendra Yadav

Publish: Dec 06, 2019 20:40 PM | Updated: Dec 06, 2019 20:40 PM

Alwar

उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर जोन के महाप्रबंधक को भेजी रिपोर्ट

 

अलवर.

अलवर जंक्शन पर एक ही पुल पर 80 प्रतिशत से अधिक यात्री भार को देखते हुए अब एस्किलेटर लगाने की तैयारी हो गई। जिसके लिए उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर जोन के महाप्रबंधक ने रिपोर्ट मांग ली है। अब एस्किलेटर लगाने के नियमों की पूर्ति होना बाकी है। वैसे एस्किलेटर के लिए करीब 15 हजार से अधिक यात्री भार होना जरूरी होता है लेकिन, अलवर जंक्शन पर 12 से 14 हजार का यात्री भार है। खासब बात यह है कि जंक्शन पर दो पुल हैं लेकिन, 80 प्रतिशत यात्री एक ही पुल से आते-जाते हैं। जिसके कारण यहां एस्किलेटर को जरूरी समझा गया है।

महाप्रबंधक अलवर आने पर आगे बढ़ी प्रक्रिया

अलवर रेलवे जंक्शन पर करीब एक माह पहले जयपुर जोन के महाप्रबंधक आए थे। जिन्होंने अधिकारियों से यात्री भार की जानकारी ली थी। उसके बाद यह प्रक्रिया आगे बढ़ी है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि एस्किलेटर के लिए जरूरी यात्री भार के नियम को देखते हुए आगे की तैयारी चल रही है। अब जल्दी सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा सकती है।

डीआरएम दुबारा आएंगे

रेलवे के उच्च अधिकारियों ने बताया कि एस्किलेटर लगाने से पहले रेलवे के उच्च अधिकारी अलवर आएंगे। यहां आवश्यक जानकारी लेने के बाद मौका देखेंगे। जिसके लिए पिछली बार महाप्रबंधक ने कहा भी था कि डीआरएम आकर मौका निरीक्षण भी करेंगी।

बुजुर्ग व विकलांगों को मिलेगी राहत

अलवर जंक्शन पर बुजुर्ग व विकलांगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। यहां व्हिलचेयर भी आसानी से उपलब्ध नहीं होती है। जिसके कारण यात्रियों को प्लेटफॉर्म पार करने के लिए आगे आखिरी छोर से गुजरना पड़ता है। जिससे कई बार दुर्घटना होने का डर भी रहता है। यही नही ंवरिष्ठ नागरिकों को पुल उतरने-चढऩे में बड़ी मुश्किल होती है। उस समय अधिक परेशानी होती है जब लगेज साथ होता है। इन सब परेशानियों को देखते हुए एस्किलेटर जरूरी है।

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