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52 साल बाद होगा अलवर गजेटियर का प्रकाशन

Prem Pathak

Publish: Dec 12, 2019 00:06 AM | Updated: Dec 12, 2019 00:06 AM

Alwar

अलवर जिले का गजेटियर का प्रकाशन 1968 के बाद एक बार किया जाएगा। प्रदेश के 6 जिलों का ही गजेटियर का प्रकाशन होने जा रहा है जिसके लिए सभी सरकारी विभागों से जानकारी मांगी जा रही हैं

अलवर.

अलवर जिले का गजेटियर का प्रकाशन 1968 के बाद एक बार किया जाएगा। प्रदेश के 6 जिलों का ही गजेटियर का प्रकाशन होने जा रहा है जिसके लिए सभी सरकारी विभागों से जानकारी मांगी जा रही हैं।
अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर उत्तम सिंह शेखावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अलवर जिला गजेटियर के प्रकाशन के लिए अपने विभाग की सूचना आगामी 15 दिवस में भिजवाना सुनिश्चित करें।

अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर शेखावत की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार में अलवर जिला गजेटियर के प्रकाशन के संबंध में बैठक आयोजित हुई। बैठक में उन्होंने कहा कि जिला गजेटियर के प्रकाशन के लिए समस्त विभाग अपने विभाग के ढांचें के विवरण, विभाग की भूमिका, उसके महत्व, उद्देश्य तथा विभाग की ओर से की जा रही गतिविधियां की सूचनाएं भिजवाने के साथ विभाग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से नवीनतम सूचनाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि गजेटियर एक प्रमाणिक दस्तावेज होता है जिसका उपयोग संदर्भ के लिए भी किया जाता है। भेजी गई सूचना का वास्तविक, शुद्ध एवं त्रुटि रहित होना अति आवश्यक है।
जन शक्ति निदेशालय जयपुर के सहायक निदेशक राजूलाल गुप्ता ने बताया कि एक पुस्तक में जिले की सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार गजेटियर का प्रकाशन करा रही है। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत प्रथम चरण में अलवर सहित 6 जिलों में गजेटियर का प्रकाशन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सन् 1968 में अलवर जिले के गजेटियर का अंतिम बार प्रकाशन हुआ था।

निदेशालय के ही सहायक निदेशक हरिसिंह जाटव ने विभागों की ओर से भिजवाई जाने वाली सूचनाओं के फोरमेट एवं माध्यम तथा उसके प्रकार के बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद दूसरे दौर की बैठक में लेखकों, इतिहासविदों एवं साहित्यकारों से गजेटियर के संबंध में सुझाव आमंत्रित किए गए। इनमें डॉ. जीवन सिंह मानवी, डॉ. छंगाराम मीना, डॉ. अनुराधा माथुर, डॉ. फूलसिंह सहरिया एवं हरिशंकर गोयल उपस्थित थे।

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