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नागरिकता बिल की देश भर में चर्चा, अलवर के शिविर में एक ही आवेदन आया

Prem Pathak

Publish: Dec 11, 2019 23:46 PM | Updated: Dec 11, 2019 23:46 PM

Alwar

देश भर में इन दिनों नागरिकता संशोधन की बिल की चर्चा है, वहीं अलवर जिले में पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता के आवेदन के लिए लगाए शिविर में मात्र एक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हो सका।

अलवर. देश भर में इन दिनों नागरिकता संशोधन की बिल की चर्चा है, वहीं अलवर जिले में पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता के आवेदन के लिए लगाए शिविर में मात्र एक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हो सका। अभी तक पांच आवेदन जिला प्रशासन को मिले हैं। इनमें एक आवेदन खारिज किया गया और तीन आवेदन गृह मंत्रालय को भारतीय नागरिकता के लिए भेजे जा चुके हैं।
वीजा और पासपोर्ट के आधार पर अलवर जिले में रह रहे पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश के हिन्दू, सिख, इसाई, जैन, बौध व पारसी समुदाय के लोगों को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए अलवर कलक्ट्रेट परिसर में बुधवार को शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में अलवर में पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान देशों से आए शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए ऑनलाइन किए गए आवेदनों की पूर्ति करनी थी। भारत की नागरिकता लेने के इच्छुक अनेक महिला व पुरुष शिविर में आए। इनमें खैरथल सहित जिले के अन्य स्थानों पर रह रहे शरणार्थी शामिल थे। शिविर में भारत की नागरिकता लेने के इच्छुक लोगों ने अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर उत्तमसिंह शेखावत व अन्य कर्मचारियों से नागरिकता आवेदन को लेकर जानकारी ली। शिविर में मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें नागरिकता सम्बन्धी आवश्यक दस्तावेज व इंटेलीजेंस ब्यूरो (आइबी) की रिपोर्ट आदि की जानकारी दी।

शिविर में दस्तावेजों की पूर्ति


शिविर में भारत की नागरिकता के लिए ऑनलाइन एक ही आवेदन प्राप्त हुआ। ऑनलाइन आवेदन करने वाले आवेदक के शिविर में आवेदन पर हस्ताक्षर करा अन्य दस्तावेजों की पूर्ति की गई। शिविर में ज्यादातर लोग भारत की नागरिकता लेने और उनके मूल देशों में हो रहे उत्पीडऩ की चर्चा करते भी दिखाई दिए।

तीन आवेदनों को नागरिकता के लिए गृह मंत्रालय भेजा

भारत की नागरिकता लेने के लिए जिला प्रशासन को पूर्व में चार आवेदन मिले। इनमें एक आवेदन को पूर्व में ही खारिज किया जा चुका है। वहीं तीन आवेदनों को आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति के साथ नागरिकता के लिए गृह मंत्रालय भेजा जा चुका है।

वैध वीजा, पासपोर्ट आदि के आधार मिलती है नागरिकता


पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के हिन्दू, सिख, इसाई, जैन, बौध व पारसी समुदाय के लोग अलवर सहित भारत के अनेक हिस्सों में वैध वीजा, वैध पासपोर्ट के आधार पर निवास कर रहे हैं। ये लोग वीजा व पासपोर्ट की वैधता तिथि बढ़वाकर लंबे समय से यहां रह रहे हैं और वापस अपने मूल वतन को लौटने के बजाय भारत की स्थायी नागरिकता चाहते हैं। ऐसे लोगों को शरणार्थी मान सरकार ने भारत की नागरिकता देने का निर्णय किया है। इसी क्रम में बुधवार को कलक्ट्रेट में शिविर लगाया गया। शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए अभी वैद्य वीजा, वैध पासपोर्ट, आइबी की रिपोर्ट सहित अनेक दस्तावेज आवेदन के साथ लगाने होते हैं। इन दस्तावेजों की पूर्ति करने में लंबा समय लग जाता है, इस कारण शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलने में परेशानी उठानी पड़ती है।

एफआरओ से 24 पात्र व्यक्तियों की रिपोर्ट मिली

विदेशी पंजीकरण अधिकारी (एफआरओ) की ओर से अलवर जिले में भारत की नागरिकता लेने योग्य 24 पात्र व्यक्तियों की रिपोर्ट मिली है। ये 24 व्यक्ति पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के हिन्दू, सिख, इसाई, जैन, बौध व पारसी समुदाय के लोग हैं।

आवेदन की पूर्ति कराई, जानकारी दी


शिविर में पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान से आए व्यक्तियों को भारत की नागरिकता लेने सम्बन्धी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। वहीं ऑनलाइन प्राप्त एक आवेदन की पूर्ति कराई गई।

उत्तम सिंह शेखावत, अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर अलवर

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