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खेतों में खड़े 880 करोड़ रुपए के बाजरे से बाजार में रौनक आने की उम्मीद

Shyam Sunder Sharma

Publish: Sep 15, 2019 18:22 PM | Updated: Sep 15, 2019 18:22 PM

Alwar

प्रदेश भर में अलवर में सबसे कम बारिश लेकिन, बाजरे की पैदावार सबसे अधिक होने की संभावना


अलवर. मानसून तो अलवर पर पूरा मेहरबान नहीं हो सका, लेकिन बाजरे की पैदावार से बाजार में रौनक आने की उम्मीद जगी है। जिले भर में 2.63 लाख हैक्टेयर में करीब 880 करोड़ रुपए की फसल लहलहा रही है। इस बार लगातार बारिश होने की बजाय रुक-रुक कर बारिश होने से खरीफ की फसल अच्छी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ठीक ढंग से दो बारिश और होने पर जिले में 49 लाख क्विंटल बाजरा पैदा होने का अनुमान है। जिसका बाजार भाव वर्तमान 18 सौ रुपए प्रति क्विंटल से लगाया जाए तो जिले में करीब 880 करोड़ रुपए से अधिक का बाजरा पैदा होने की उम्मीद है। बाजरे की फसल अच्छी होने से किसानों के पास पैसा आने से बाजार भी उठने की उम्मीद है।
औसत से कम बारिश, बीच-बीच में बरसे बादल
वैसे तो अलवर जिले में औसत 555 मिमी से काफी कम बारिश हो सकी है। लेकिन बारिश लगातार होने की बजाय कभी दो दिन बाद तो कभी पांच से सात दिन बाद बारिश होती रही है। फसल की बुआई के बाद से ही यह क्रम जारी रहा है। जिसके कारण फसल को जरूरत के हिसाब से पानी मिलता रहा। नतीजतन सिंचिंत व गैर सिंचिंत सभी जगहों के खेतों में बाजरे की फसल अच्छी है। जबकि पूरे प्रदेश में मानसून औसत बारिश से अच्छा रहा है।


एक हैक्टेयर में करीब 16 क्विंटल की पैदावार
कृषि अधिकारी व किसानों के अनुसार एक हैक्टेयर में करीब 16 क्विंटल बाजरे की पैदावार आसानी से हो जाती है। अलवर जिले में 2.63 हैक्टेयर में बाजरे की बुआई हुई है। जिसके अनुसार करीब 49 लाख 30 हजार क्विंटल बाजरा पैदा होने का अनुमान है। वर्तमान में बाजरे का बाजार भाव 1800 से 1900 रुपए प्रति क्विंटल है। इस भाव के अनुसार जिले में करीब 880 करोड़ रुपए से अधिक कीमत का बाजरा पैदा होने की उम्मीद है।

खेती पर निर्भर बाजार की चाल
व्यापारियों का कहना है कि जिस तरह खेती मानसून की बारिश पर निर्भर है, उसी तरह व्यापारी का कारोबार भी किसान की फसल पर टिका है। अच्छी फसल होगी तो बाजार में खरीददारी बढ़ेगी। जिसके कारण सभी तरह के रोजगार बढ़ेंगे। फिलहाल बाजार में हर तरफ काम की कमी है।

जिले में बाजरे की फसल अच्छी
&निश्चित रूप से जिले में बाजरे की फसल अच्छी है। एक हैक्टेयर में 16 क्विंटल बाजरा पैदा होने का अनुमान है। एक-दो बारिश होने पर बाजरा तैयार हो जाएगा। अच्छी फसल होने का सबको फायदा मिलता है।
पीसी मीना
कृषि उप निदेशक, अलवर