स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

चार गुना दाम पर बिका 80 करोड़ का प्याज

Prem Pathak

Publish: Nov 18, 2019 06:00 AM | Updated: Nov 17, 2019 23:56 PM

Alwar

प्याज की बुवाई करने वाले किसान इस बार अलवर प्याज मंडी में अच्छे भाव मिलने से निहाल हो गए हैं। प्याज का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए खुशी का यह मौका कई साल बाद आया है।

अलवर. प्याज की बुवाई करने वाले किसान इस बार अलवर प्याज मंडी में अच्छे भाव मिलने से निहाल हो गए हैं। प्याज का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए खुशी का यह मौका कई साल बाद आया है। वर्तमान में मंडी में 35 से 50 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की खरीद हुई है। अब तक मंडी में करीब 2.50 लाख क्विंटल प्याज की आवक हो चुकी है। जिले में इस बार प्याज की फसल भी अच्छी हुई है और मंडी में प्याज के दाम भी अन्य सालों की तुलना में अच्छे मिल रहे हैं। प्रदेश की प्रमुख प्याज मंडी अलवर में इस साल जिले में पैदा हुआ प्याज का करीब आधा उत्पादन पहुंच चुका है। प्याज के थोक विक्रेता अभय सैनी पप्पू भाई का कहना है कि जिले में प्याज के उत्पादन का आधा हिस्सा अलवर प्याज मंडी तथा आधा दिल्ली व अन्य मंडियों में जाता है। इस सीजन में अब तक अलवर प्याज मंडी में 2.40 से 2.50 लाख क्विंटल प्याज की आवक हो चुकी है।

मंडी में 60 हजार कट्टे आए

अलवर मंडी में रविवार को प्याज के करीब 60 हजार कट्टों की खरीद हुई। वर्तमान में अलवर मंडी में प्याज के भाव 35 से 50 रुपए प्रति किलोग्राम है, जो कि पिछले साल के इन्हीं दिनों के भाव से करीब चार गुना हैं। पिछले साल इन दिनों में प्याज 9 से 10 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा गया था।

अलवर मंडी में इस साल अब तक 80 से 100 करोड़ रुपए की प्याज आ चुकी है। प्याज इन दिनों हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उतरांचल, जम्मू कश्मीर, आसाम, बिहार, बंगाल सहित देश के अन्य राज्यों में भेजा जा रहा है।

प्रदेश की पहली प्याज मंडी, सुविधा नाम की भी नहीं

अलवर प्याज मंडी प्रदेश की पहली प्याज मंडी है। अलवर जिला लाल प्याज के उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है। हर साल मंडी में कई हजार किसान लाखों क्विंटल प्याज लेकर पहुंचते हैं, लेकिन प्याज मंडी में न किसानों और न ही व्यापारियो के लिए कोई सुविधा मुहैया कराई गई है। सुविधाओं के अभाव में किसानों व प्याज व्यापारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

[MORE_ADVERTISE1]