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‘शिवजी को बिल्वपत्र का अर्पण कई कन्यादान के तुल्य पुण्य देता है’

Rajesh Mishra

Publish: Aug 05, 2019 17:44 PM | Updated: Aug 05, 2019 17:47 PM

Alirajpur

पंचेश्वर महोदव मंदिर में रात्रिकालीन शिव महापुराण कथा

आलीराजपुर. स्थानीय पंचेश्वर महोदव मंदिर पर चल रही रात्रिकालीन शिव महापुराण कथा में व्यासपीठ से पंडित शिवगुरु शर्मा उन्हैल (उज्जैन) ने बिल्वपत्र की महिमा बताते हुए कहा, शिवजी को बिल्वपत्र बहुत प्रिय है। बिल्वपत्र बिना शिवजी पूजा स्वीकार नहीं करते हैं। शिवजी को एक बिल्वपत्र का अर्पण कई कन्यादान के तुल्य पुण्य देता है। बिल्वपत्र के पेड़ के दर्शनमात्र से मनुष्य के हजारों पापों का नाश हो जाता है। बिल्वपत्र नया न मिले तो धोकर पुराना उपयोग में लें। पंडित शर्मा ने कहा, सोमवार को बिल्वपत्र नहीं तोडऩा चाहिए, एक दिन पूर्व तोडक़र रख लें। पत्ते ही तोड़ें शाखा तोडऩे पर दोष लगता है। बिल्वपत्र उल्टा चढ़ाएं, बिल्वपत्र खंडित न हो। सती चरित्र का वर्णन करते हुए पंडित शर्मा ने बताया, प्रजापति दक्ष जो ब्रहाजी के पुत्र थे। उन्होंने शिवजी का अपमान करने के लिए दक्ष यज्ञ का आयोजन किया। इसमें भगवान शंकर को छोडक़र सभी देवताओं को बुलाया। माता सती बिना बुलाए यज्ञ में जाती हैं और शिवजी की कोई भागिता-उपस्थिति यज्ञ में न देखकर क्रोधित होकर अपने शरीर को यज्ञकुंड में भस्म कर लेती हैं। सती के भस्म होने पर भगवान शंकर सती के शरीर को लेकर ब्रह्मांड में विचरण करते हैं। जब यह दशा भगवान विष्णु देखते हैं तो मौन नहीं रह पाते और सती के शरीर के खंड कर देते है। जहां जहां ये खंड गिरते हैं वहां 52 शक्तिपीठों का निर्माण होता है।
‘भोलेनाथ ने जल बरसा कर दिया आशीर्वाद’
जैन मंदिर में स्वर्णकार समाज द्वारा शिवमहापुराण का आयोजन
चंद्रशेखर आजादनगर. नगर के मध्य स्थित जैन मंदिर में विगत 7 दिवस से स्वर्णकार समाज द्वारा शिवमहापुराण का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें समाज के साथ नगर के कई श्रोता, श्रद्धालु देपालपुर निवासी पंडित प्रेमनारायण जोशी के मुखारविंद से कथा का रसपान कर रहे हैं। कथा में यजमान पंकज सोनी और मीना सोनी ने बताया, प्रतिदिन समाज के प्रत्येक घर से एक-एक जोड़ा यजमान बनकर रुद्राभिषेक कर धर्मलाभ ले रहे हैं। समाज के युवा अध्यक्ष जयेश सोनी ने बताया, कथा आयोजन का उद्देश्य नगर में बारिश की कमी को लेकर धर्म की गंगा को बहाना है। भोलेनाथ ने जल बरसा कर हमारे आयोजन को आशीर्वाद दिया है। कार्यक्रम संयोजक कृष्णकांत सोनी, कूजन सोनी, गोपाल सोनी, अमित सोनी, कपिल सोनी, संजय सोनी के सहयोग से हम इस आयोजन को मूर्त रूप दे पाए हैं। स्वर्णकार अध्यक्ष जयेश सोनी और स्वर्णकार समाज ने जैन समाज का आभार व्यक्त किया है, जिनके सहयोग से यह आयोजन सफल हुआ है।

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