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Smart city : स्मार्टसिटी में नहीं स्मार्ट पुलिसिंग

Himansu Dhawal

Publish: Aug 14, 2019 12:03 PM | Updated: Aug 14, 2019 12:07 PM

Ajmer

स्वाधीनता दिवस पर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल, प्रवेश मार्ग और प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई

मनीष कुमार सिंह

अजमेर. पन्द्रह अगस्त को लेकर भले पुलिस प्रशासन ने पटेल मैदान (Patel Maidan) को सुरक्षा घेरे में ले लिया है लेकिन शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल, प्रवेश मार्ग और प्रमुख स्थान पर सुरक्षा (Security) इंतजामों में खामी है। जहां शहर के प्रवेश मार्गों पर लगने वाली पुलिस (police) की नाकाबंदी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। देश के मौजूदा हालात को देखते हुए कभी भी अवांछित व्यक्ति दाखिल होकर शहर (city) के सौहार्द को बिगाड़ सकता है। पुलिस चौकसी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि रेलवे के ठेकेदार (Railway contractor) के साथ लूट की वारदात अंजाम देने वाले लुटेरे तीन दिन (Three days) तक शहर में भटकते रहे और वारदात अंजाम देकर निकल भी गए लेकिन पुलिस (police) की नजर उन पर नहीं पड़ी। राजस्थान पत्रिका (rajasthan patrika) की टीम ने स्वाधीनता दिवस पर शहर में की जाने वाली सुरक्षा का रियलिटी चैक की।

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बिना रोक-टोक दौड़ते वाहन

दोपहर ढाई बजे जयपुर रोड मदस विश्वविद्यालय (Mds university) तिराहा। जयपुर (jaipur) की ओर से शहर में आने वाले वाहनों की रफ्तार को कम करने के लिए बैरिकेड्स लगे मिले लेकिन पुलिस का जवान दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा था। बिना रोक-टोक के वाहन का प्रवेश जारी था।

बैरिकेड्स हैं मगर पुलिस नहीं
दोपहर पौने 2 बजे परबतपुरा चौराहा। यहां आदर्शनगर थाना (Adarshanagar police station) पुलिस की ओर से शहर के प्रवेश मार्ग पर बैरिकेड्स तो लगे थे लेकिन पुलिस का जवान नजर नहीं आया। यहां भी बिना रोक-टोक वाहनों की आवाजाही निरन्तर चलती रही।

नाकाबंदी भी नदारद

दोपहर सवा 2 बजे रामगंज सुभाष नगर (Subhash Nagar) चौराहा। आमतौर पर बाहरी वाहनों पर नजर रखने के लिए चौराहा पर रामगंज थाना पुलिस की नाकाबंदी होती है लेकिन यहां न तो बैरिकेड्स नजर आए न ही कोई पुलिस (police) का जवान। यहां भी बाहरी वाहनों को बिना रोक-टोक प्रवेश जारी था।

बैगेज स्कैनर मिली बंद

रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी नजर आए। बैग स्कैनर (Bag scanner) मशीन बंद होने पर होमगार्ड व आरपीएफ के जवान को हैंड मेटल डिटेक्टर दिए गए लेकिन वे भी कुर्सी पर बैठ बतियाते नजर आए। पत्रिका फोटोग्राफर का कैमरा चमका तो यहां से गुजरने वाले यात्रियों के बैगों की तलाशी की याद आई। हालांकि पत्रिका टीम (team) के पहुंचने के एक घंटे बाद यहां जीआरपी व आरपीएफ का संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। जिसमें थानाप्रभारी रामअवतार के नेतृत्व में पहले शाताब्दी एक्सप्रेस में तलाशी लेने के बाद रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म (Platform) और मुसाफिरखाने में तलाशी ली गई।