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सनसनी : पत्नी की बर्दास्त की हुई हद, पति की करवा दी हत्या

Manish Singh

Publish: Jul 21, 2019 02:42 AM | Updated: Jul 21, 2019 02:42 AM

Ajmer

प्रताडऩा से परेशान पत्नी ने सुपारी देकर करवाई हत्या, पुलिस ने चौबीस घंटे में किया वारदात का पर्दाफाश : आरोपी महिला समेत दो गिरफ्तार, तीसरे की तलाश

अजमेर. बलदेव नगर की पहाड़ी पर शुक्रवार को मृत मिले चरवाहे बालूराम गुर्जर की हत्या की गुत्थी पुलिस ने चौबीस घंटे में सुलझा दी। बालूराम की प्रताडऩा और उसके शक्की मिजाज से परेशान होकर पत्नी ने तीन बेरोजगार युवकों को हत्या की सुपारी दी थी। पुलिस ने हत्या की आरोपी महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि तीसरे की तलाश में जुटी है।

पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि 19 जुलाई को बलदेव नगर की पहाड़ी पर मृत मिले माकड़वाली रोड रामदेव कच्ची बस्ती निवासी बालूराम गुर्जर की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मनफूल (32), पड़ोसी विजय ढिल्लीवाल (20), नागौर थांवला पीह हाल रामदेव नगर कच्ची बस्ती निवासी नवलदीप गढ़वाल उर्फ नौरत को गिरफ्तार किया जबकि वारदात में तीसरे आरोपी निक्कू क्रिस्टोफर की तलाश की जा रही है।

वारदात के बाद मिले 10 हजार
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि बालूराम की गुस्सैल प्रवृत्ति व शक्की मिजाज से परेशान पत्नी मनफूल ने विजय, निक्कू क्रिस्टोफर व नवलदीप गढ़वाल को 35 हजार रुपए की सुपारी दी। तीनों आरोपियों ने 18 जुलाई को बालूराम की हत्या के बाद मनफूल को फोन कॉल कर काम होने की सूचना दी थी। मनफूल ने उन्हें 10 हजार रुपए एडवांस दिए। शेष रकम 25 हजार रुपए मामला शांत होने व तीसरे की रस्म अदायगी के बाद देने का वादा किया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई
एसपी राष्ट्रदीप ने बताया कि प्रकरण में साइक्लोन टीम ने तकनीकी विश्लेषण किया। वहीं क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस और स्पेशल टीम ने आसूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विजय ढिल्लीवाल, नवलदीप गढ़वाल उर्फ नौरत को दबोचा। इससे आरोपियों को ज्यादा कुछ सोचने का समय नहीं मिला।

...वो नहीं मरता तो हमें मार देता

पति की यातनाएं इस कदर बढ़ गई कि पत्नी ने उसे रास्ते से हटाने का मन बना लिया। पुलिस की गिरफ्त में आई मृतक बालूराम की पत्नी मनफूल ने बताया कि पति का खौफ इस कदर बैठ चुका था कि उन्हें यूं लगने लगा था कि वो नहीं मरता तो उनको मार देता।
मनफूल ने पुलिस पड़ताल में बताया कि शक्की स्वभाव का बालूराम अपने पास दिनरात कुल्हाड़ी लेकर सोता था। वह उस पर शक करता था। छोटी-छोटी बात पर उसके साथ और बच्चों से मारपीट करता था, जिससे उसके बच्चे भी परेशान हो चुके थे। वह झाड़ू-पोंछा करके गुजर बसर चलाती थी लेकिन बालूराम को यह भी पसंद नहीं था। वह उसके और बेटी के साथ मारपीट करता था।

मुक्ति के फेर में बने हत्यारे
हत्या की आरोपी पत्नी मनफूल बलदेव नगर के आसपास के मकानों में काम करती थी। जिस घर में वह काम करती है उसके पास विजय ढिल्लीवाल की गायें बंधती है। उसका दूध बेचने का काम है। मनफूल आए दिन उसको अपनी पीड़ा सुनाती और परेशानी से मुक्ति दिलाने की बात कहती। एक दिन उसने दोस्त निक्कू की मदद से वारदात अंजाम देने की हामीभर ली। प्रारंभिक पड़ताल में अब तक आरोपियों को आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

पुलिस ने दिखाई तत्परता
मनफूल को मुक्ति दिलाने और आर्थिक तंगी से जूझ रहे तीन युवाओं ने हत्या जैसा संगीन अपराध कर दिया। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस उन तक इतनी जल्द पहुंच जाएगी। वारदात अंजाम देकर चुप्पी साध कर बैठ गए लेकिन साइबर सैल ने तकनीक का इस्तेमाल और जुटाए तथ्यों का विष्लेषण कर वारदात को 24 घंटे में खोल दिया। पुलिस पड़ताल में आया कि तीनों युवक साधारण गरीब परिवार हैं।

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यह थे टीम में शामिल
वारदात पर्दाफाश करने वाली टीम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह, डा. प्रियंका के निर्देशन में एसएचओ क्रिश्चियन गंज दिनेश कुमावत, साइबर सेल प्रभारी जगमाल दायमा, स्पेशल टीम प्रभारी मनोहरसिंह, हैडकांस्टेबल तेजाराम, गोपाल सिंह, सिपाही हरेन्द्र, जगदीश, राजकुमार, महिला कांस्टेबल हेमलता, नेराज, स्पेशल टीम से देवेन्द्र सिंह, जोगेन्द्रसिंह, आशीष गहलोत, हिम्मत तोषिक, सुनील मील शामिल रहे।