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Fraud: सीएमओ के फर्जी आईएएस ने भेजे RPSC को नौकरियों के आदेश

raktim tiwari

Publish: Sep 16, 2019 08:14 AM | Updated: Sep 16, 2019 08:14 AM

Ajmer

आईएएस अधिकारी बनकर कई सरकारी विभागों को डाक से पत्र अथवा रौब झाडऩे की गरज से फोन पर बातचीत कर चुका है। इनमें राजस्थान लोक सेवा आयोग भी शामिल है।

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

सीएमओ का आईएस अधिकारी बनकर सर्किट हाउस (circuit house) में तीन लोगों को ठहराने वाला ठग ‘बेरोजगारों ’ को नौकरी का झांसा भी देता था। वह राजस्थान लोक सेवा आयोग (rpsc ajmer) में भरतपुर पुलिस अधीक्षक (bharatpur S.P) और कार्मिक विभाग (DOP) के उ"ााधिकारियों के नाम से फर्जी पत्र भी भिजवा चुका है। इसको लेकर आयोग प्रशासन ने अजमेर पुलिस अधीक्षक को जानकारी दी है।

सर्किट हाउस में कमरा बुक कर तीन लोगों को रुकवाने वाला भरतपुर नदबई के लोहासा गांव निवासी सौरभ शर्मा के कई कारनामे चौंकाने वाले हैं। आरोपी प्रदेशभर के बेरोजगारों (un empoyed persons) को सरकारी नौकरी (govt service)का झांसा देकर फांसता रहा है। वह कथित आईएएस अधिकारी (fake IAS ofiicer) बनकर कई सरकारी विभागों के उ"ााधिकारियों को डाक से पत्र (postal letters) अथवा रौब झाडऩे की गरज से फोन पर बातचीत कर चुका है। इनमें राजस्थान लोक सेवा आयोग भी शामिल है।

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आयोग को यह भेजे थे पत्र
अधिकृत जानकारी के अनुसार सौरभ ने अतिरिक्त मुख्य निदेशक (कार्मिक) और अतिरिक्त निदेशक आरपीएससी (rpsc) के नाम से दो पत्र भेजे थे। इन्हें खोलने पर कटी-फटी सर्विस बुक और अंकतालिका निकली। आयोग स्टाफ ने लिफाफे पर लिखे नंबर (phone numbers) पर संपर्क किया तो आरोपी ने भी संबंधित मामलों में तत्काल जानकारी भेजने को कहा था।

लगी थी भरतपुर एसपी की मुहर
आयोग को मिले पत्रों पर भरतपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की मुहर लगी थी। आयोग सचिव (rpsc seceratary)ने जब संबंधित पुलिस अधीक्षक से बातचीत की तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई। इस पर आयोग ने पत्रों को संदेह (suspicious) की श्रेणी में रख लिया। लेकिन शातिर ठग ने दोबारा भरतपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की मुहर लगे पत्र भिजवा दिए। इस बार मुहर (seal) असली पाई गई। आयोग ने भरतपुर पुलिस अधीक्षक को फिर से अवगत कराया था।

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रौब झाडऩे के लिए संपर्क
आंतरिक स्तर पर आयोग को शातिर ठग द्वारा बेरोजगारों (un employed persons) से पैसा लेकर फांसने का शक हो गया था। इसके बावजूद आरोपी ने बेरोजगारों के सामने रॉब झाडऩे के लिए आयोग के अधिकारियों से एक-दो बार बातचीत की। लेकिन आयोग ने उसे हमेशा संदेह के घेरे में रखा।

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पुलिस अधीक्षक को जानकारी
सर्किट हाउस मामला उजागर होने के बाद आयोग सचिव के. के. शर्मा ने तत्काल पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप (kunwar rashtradeep) को आरोपी से जुड़ी जानकारियां दी। उन्होंने आयोग को मिले फर्जी पत्रों, फोन पर संपर्क किए जाने की जानकारी दी है।

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आरोपी को लेकर आयोग सचिव ने पुलिस अधीक्षक को खास जानकारी दी है। मामले की उ"ा स्तरीय तहकीकात जारी है। इसका जल्द खुलासा किया जाएगा।
डॉ. प्रियंका रघुवंशी, सीओ नॉर्थ