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राक्षसी प्रवृत्ति का था दुष्कर्म करने वाला बाप, सांप को भूनकर खा जाता था, हत्या के बाद बेटी के चेहरे को दांतों से काटा था...

suchita mishra

Publish: Sep 20, 2019 11:09 AM | Updated: Sep 20, 2019 11:09 AM

Agra

— 24 दिसंबर 2017 को बेटी के साथ दुष्कर्म कर की थी हत्या।
— हत्या के बाद उसके चेहरे को दांतों से काटा था, शव को नाखूनों से नोंचा था।
— कोर्ट ने कहा ऐसा राक्षसी प्रवृत्ति का शख्स ही कर सकता है, सुनाई मौत की सजा।

आगरा। सात साल की मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर देने वाले कलियुगी बाप को गुरुवार को आगरा की सिविल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। हैवानियत की सारी हदें पार करने के बाद भी 50 वर्षीय मौनी नामक शख्स का दिल नहीं भरा और उसने बेटी की हत्या के बाद उसके चेहरे को बुरी तरह दांतों से काटा था, उसके शव को नाखूनों से नोंचा था। इस बात का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी बाप ने अपनी उन अविश्वसनीय करतूतों के बारे में बताया था जिन्हें जानकर ही आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

सांप, मेढक भी खा जाता था, निर्वस्त्र सोता था
गिरफ्तारी के बाद थाना एत्मादपुर की पुलिस ने मौनी का बयान दर्ज किया था। पूछताछ के दौरान उसने खुद बताया था कि वो बचपन से नशे का आदी है। शराब की पूरी बोतल से कम में उसका काम नहीं चलता। वो चरस, गांजा, अफीम सब कुछ लेता है। घर में निर्वस्त्र होकर सोता है क्योंकि कपड़े पहन कर उसे नींद नहीं आ पाती। घर में अगर सांप निकल आए तो वो बहुत खुश हो जाता है। उसे पकड़कर उसका सिर काटता है और भूनकर खा जाता है। इतना ही नहीं, वो मेढक, गोह आदि जो भी हाथ लगे, उसे खा जाता है।

पत्नी के बाद बेटी ही रखती थी खयाल
मौनी की इन आदतों से तंग आकर उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी। बेटे ने भी दूरी बना ली थी। ऐसे में उसका पूरा खयाल उसकी सात साल की बेटी ही रखती थी। खाना परोसना, उसके लिए पानी लाना वगैरह वगैरह। लेकिन नशे की लत ने मौनी को हैवान बना दिया और उसने अपनी ही बेटी को अपनी हैवानियत का शिकार बना डाला और उसकी निर्मम हत्या कर दी।

पहले भी कर चुका था छेड़खानी
जगह जगह डेरे बदलता है। 2017 में वो एत्मादपुर में रह रहा था और कान की सफाई का काम करता था। दुष्कर्म की वारदात से छह माह पहले उसने बेटी के साथ छेड़खानी की थी। तब आसपास के लोगों ने उसे फटकारा था और उसने माफी मांगकर खुद को बचा लिया था। बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की बात को भी वो कबूल नहीं कर रहा था। लेकिन जब पुलिस ने उसे बताया कि उसके अपने बेटे ने उसके खिलाफ बयान दिया है, तब वो टूट गया और पूरी बात बतायी।

कोर्ट ने कहा राक्षसी प्रवृत्ति का शख्स की ऐसा कर सकता है
कोर्ट ने इस मामले को निर्भया कांड की तरह भयावह मानते हुए कहा कि एक पिता बेटी का संरक्षक होता है। इस बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती कि कोई बाप अपनी सात साल की मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या कर देगा। ऐसा करने वाला कोई राक्षसी प्रवृत्ति का व्यक्ति ही हो सकता है। इससे मानवता शर्मसार हुई है। समाज किसी भी दशा में ऐसे व्यक्ति स्वीकार नहीं कर सकता। इसके बाद अदालत ने मौनी को मौत की सजा सुनाई।

ये था पूरा मामला
24 नवंबर 2017 की रात को मौनी अपनी बेटी को उठाकर पास के स्कूल में ले गया था। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। वो चीखी तो उसका मुंह दबा दिया और उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसके शव को जगह जगह काटा और नाखूनों से नोंचा था। बेटी की हत्या के बाद उसकी मां ने थाना एत्माद्दौला में शिकायत की थी। इसके बाद आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी हुई। दोनों बेटो समेत 16 गवाह और 26 साक्ष्य अदालत में पेश किए गए। इसके बाद आगरा की सिविल कोर्ट ने गुरुवार 19 सितंबर को उसे मौत की सजा सुनाई।