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सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ साहित्य उत्सव का समापन

Dhirendra yadav

Publish: Oct 20, 2019 20:13 PM | Updated: Oct 20, 2019 20:13 PM

Agra

संस्कार भारती के कलाकारों साहित्य उत्सव में दीं गायन, वादन, नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियां

आगरा। सांस्कृतिक संध्या में कला की विविध विधाओं के रंगारंग सांस्कृतिक संध्या के साथ आगरा कॉलेज मैदान में आयोजित साहित्य उत्सव एवं राष्ट्रीय पुस्तक मेले का समापन हुआ। संस्कार बारती के कलाकारों द्वारा कथक, भजन, जगलबंदी जैसी मनोहारी प्रस्तुतियां दी गईं।

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पंडित बिरजू महाराज की प्रसिद्ध रचना तराना व मत रोको रे सांवरिया...

गीत पर कलाकारों द्वारा पारंपरिक कत्थक की प्रस्तुति के साथ अन्य रुप टुकुर, ठाठ, आमद की प्रस्तुति व सितार और वायलिन की जुगलबंदी ने समा बांध दिया। सर्वप्रथम नैना माहेश्वरी, सृष्टि अग्रवाल व रेखा गुप्ता ने भाव नृत्य के जरिए गणेश वंदना और खुशी व सविता ने शिव वंदना प्रस्तुत की। अंत में सभी ताल वाद्य यंत्रों के साथ, नीलू शर्मा, सलीम खान, गिरधारी लाल,ईश्वर सिंह खींची, रविंद्र तलेगांवर, द्वारा ताल वाद्य कचहरी का की प्रस्तुति ने ऊत्त्सव मे चार चांद लगा दिये। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रो. सुगम आनन्द, डॉ. महेश भार्गव, प्रद्युम्न चतुर्वेदी, एसके मिश्रा, सुभाष चंद्र अग्रवाल, डॉ नीरू शर्मा, डॉ कल्पना शर्मा, अजय अवस्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राजबहादुर राज द्वारा किया गया। कथक अनन्या, आकृति, दिशा, मनीषा, अबिश्री, अंशिता, इशिका व आरुषि ने कथक प्रस्तुत किया। भजनः पूर्वा तिवारी, संगत रविन्द्र तलेगांवकर व देवेन्द्र यादव ने की।

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आयोजन समिति के इन सदस्यों की रही विशेष उपस्थिति
मुख्य संयोजक अमी आधार निडर, संयोजक दीपक सरीन, डॉ. नीतू चौधरी, अरविन्द सिंह, पूनम जाकिस, सर्वज्ञशेखर, आलोक कृष्ण अग्रवाल, कंचन चौधरी, अयूब खान, शिराज खान, नमन श्रीवास्तव, प्रत्युंज श्रीवास्तव, कल्पना श्रीवास्तव नितेश जैन आदि मौजूद थे।