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अंतरराष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव का रंगारंग आगाज, 500 कलाकार आए, देखें वीडियो

Amit Sharma

Publish: Sep 22, 2019 18:49 PM | Updated: Sep 22, 2019 18:49 PM

Agra

-पहले दिन नृत्य और नाटक की धूम, हाथी घाट पर हुई यमुना आरती
-भवानी सिंह ने संत, कवि, साहित्यकारों और कलाकारों को बताया देश की पूंजी
-जल संरक्षण, पौधारोपण का आह्वान, देश को पॉलिथिन मुक्त बनाने की अपील

आगरा। चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव का रंगारंग आगाज हुआ। नृत्य, नाटक, सम्मान के साथ यमुना आरती की धूम रही। हाथीघाट पर यमुना आरती हुई। महोत्सव में भारत के 22 राज्यों और आठ देशों के 500 कलाकार भाग ले रहे हैं। उद्घाटन करते हुए भारतीय जनता पार्टी के बृज क्षेत्र संगठन मंत्री भवानी सिंह ने कलाकारों का अभिनंदन या। जल संरक्षण, पौधारोपण के साथ तुलसी के पौधे लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कलाकारों की महत्ता को भी प्रतिपादित किया। होली पब्लिक स्कूल, सिकंदरा के सभागार में महोत्सव पांच दिन तक चलेगा। समापन समारोह 26 सितम्बर को होगा।

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संत, कवि, साहित्यकार, कलाकार देश की पूंजी
भवानी सिंह ने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए मूल्यों, संस्कृति और संस्कारों को अक्षुण्ण रखने के लिए आगे आना होगा। ये सभी काम सरकारों के नहीं होते हैं। सत्ता का काम व्यवस्था बनाना है। वातावरण बनाने का काम समाज, संत, कलाकार, बुद्धिजीवियों का है। ये लोग देश की पूंजी हैं। अपने ऋषियों, कवियों, साहित्यकारों, कलाकारों पर देशवासियों को गर्व है। ये अपनी छोटी कृतियो से देश को चित्रित कर देते हैं। हमने जिन्हें भगवान माना, उनके जीवन को समझें तो वे सभी विद्याओं में निपुण थे।

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समाज को लम्बी छलांग लगाने की जरूरत
उन्होंने माना कि जिसमें संगीत का भाव नहीं है, वह अध्यात्म को आत्मसात नहीं कर सकता है। जो अपनी वाणी से अध्यात्म को प्रकट करते हैं, वे धन्य हैं। जब भी संकट आता है तो संत, ऋषि, कवि, साहित्यकार, कलाकार समेटने का प्रयत्न किया है। समाज को लम्बी छलांग लगाने की जरूरत है।

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पॉलीथिन हटाएं, पौधारोपण करें, जल संरक्षण करें, तुलसी का पौधा लगाएं
भवानी सिंह ने कहा कि मेरा देश पॉलीथिन से मुक्त होना चाहिए। अपने परिवार से शुरुआत करें। यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब हम सोते हैं तो कार्बनडाइऑक्साइड छोड़ते हैं, जो पौधों का भोजन है। बदले में पौधे हमें ऑक्सीजन देते हैं और बिना इसके हम जीवित नहीं रह सकते हैं। हर शुभ काम में पौधारोपण करें। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी का कारण ओजोन परते में छेद दो जाना है। इसे कोई केमिकल नहीं भर सकता है। तुलसी के पौधे से निकलने वाली गैस ही ओजोन परत का छेद बंद कर सकती है। शाम को तुलसी के समक्ष घी की दीपक जलाने से गैस उत्सर्जन कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए जरूरी है अधिकाधिक तुलसी का पौधा लगाए। भवानी सिंह ने जल संरक्षण का भी आह्वान किया। कहा कि पत्तल और मिट्टी के बर्तन में खाने से रोजगार मिलता है तथा पानी बचता है। 50 लीटर पानी प्रतिदिन बचाएं। मंहत योगेश पुरी ने भी आह्वान किया कि पानी आधा गिलास ही दें।

इन्होंने किया दीप प्रज्ज्वलन
नाट्य विद्या के जनक नटराज की मूर्ति के समक्ष भवानी सिंह, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित, मनकामेश्वर नाथ मंदिर के महंत योगेश पुरी, होली पब्लिक स्कूल के निदेशक संजय तोमर, शांतिदूत बंटी ग्रोवर, नटरांजलि आर्ट थियेटर की निदेशक और चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव की कर्ताधर्ता अलका सिंह, रोहित कत्याल, गोपाल गुरु, केशव प्रसाद सिंह, डॉ. वत्सला प्रभाकर, दिलीप रघुवंशी, लालाराम तैनगुरिया आदि ने किया। नाटक के पुरोधा राजेन्द्र रघुवंशी के चित्र पर भी माल्यार्पण किया गया। महंत योगेश पुरी ने वेद मंत्र पढ़े। ताजमहल के शहर आगरा में अंतरराष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव में सबसे पहले ग्वालियर से आई मोनिका श्रीवास्तव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मधुर संचालन कवयित्री श्रुति सिन्हा ने किया।