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अरे, वकीलों को इतनी सारी बीमारियां, स्वास्थ्य विभाग हैरान

Dhirendra yadav

Publish: Aug 22, 2019 06:41 AM | Updated: Aug 22, 2019 06:41 AM

Agra


-दीवानी कचहीर में लगाया स्वास्थ्य शिविर
-वकीलों को किया जागरूक, की गई जांच
-नियमित रूप से जांच कराने की सलाह दी

आगरा। आगरा बार एसोसिएशन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से दीवानी कचहरी के सभागार में स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए संगोष्ठी और हेल्थ चेकअप कैम्प का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला जज अजय श्रीवास्तव और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार वत्स ने दीप प्रज्जवलित कर किया। जांच के बाद पाया गया कि वकील उच्च रक्तचाप, मधुमेह जैसी तमाम बीमारियों से ग्रसित हैं। वे अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वकीलों को बीमार देखकर स्वास्थ्य विभाग हैरान रह गया।


सीएमओ की सलाह
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि इस भागदौड़ भरी लाइफ के चलते कोर्ट और कचहरी में काम करने वाले वकील अपने स्वास्थ्य के प्रति ध्यान नहीं दे पाते हैं। इसलिए उनको जागरुक करने के लिए इस हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया। कैम्प के माध्यम से उनको बताया जा रहा है कि उनको अपने स्वास्थ्य की देखभाल के लिए समय-समय पर कौन-कौन से परीक्षण और जांच कराना चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों को डायबिटीज और हाई ब्लडप्रेशर है उन्हें खानपान संबंधी जानकारी भी दी गयी है।


स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी
जिला अस्पताल के डॉ. पीयूष जैन ने सरकार की तरफ से चलायी जा रही निःशुल्क स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी। इन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ कैसे और कहां पर लिया जाता सकता है। उसके बारें में भी विस्तार से चर्चा की। मंच का संचालन सचिव सत्य प्रकाश ने किया। इसके अलावा कार्यक्रम में आगरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के एम गुप्ता, सचिव बीपी ओझा, क्रीडा सचिव राजीव दीक्षित, जिला महिला चिकित्सालय की अद्यीक्षका डॉ. आशा शर्मा, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके शर्मा, जिला स्वास्थ्य शिक्षा और सूचना अधिकारी अमित यादव सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।

बुखार पीड़ित मरीजों के लिए रक्त नमूने लिए
दीवानी कचहरी में आयोजित स्वास्थ्य शिविर के दौरान मलेरिया, टीबी, कुष्ठ रोग, परिवार नियोजन, तम्बाकू नियंत्रण सहित अन्य विभागों ने अपने-अपने स्टाल लगाकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। मलेरिया विभाग की तरफ से स्टाल पर ही बुखार से पीड़ित लोगों के ब्लड सैम्पल लिये गये। इसके अलावा कैम्प के दौरान लोगों डायबिटिज के मरीजों का भी रक्त परीक्षण किया गया।