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एक डिग्री पर दो डॉक्टर के खेल में बड़ा खुलासा, एक ही रजिस्ट्रेशन पर चलाई जा रही थीं दो फर्म

Dhirendra yadav

Publish: Sep 19, 2019 14:30 PM | Updated: Sep 19, 2019 14:30 PM

Agra

मुन्ना भाई एमबीबीएस प्रकरण में जांच जारी
आरोपी चिकित्सक के कारनामों से परत दर परत उठ रहा पर्दा

आगरा। एक डिग्री पर दो चिकित्सक आखिर कैसे। पत्रिका में ये खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बीएचएमएस द्वारा एमबीबीएस की डिग्री पर चिकित्सा सेवाएं ही नहीं दी जा रहीं थी, बल्कि जिस रजिस्ट्रेशन नंबर पर ये बीएचएमएस चिकित्सक अपना क्लीनिक चला रहे थे, वही रजिस्ट्रेशन नंबर एक पैथोलॉजी का भी है। अब ये जांच का विषय है कि असली कौन है।


ये है पूरा मामला
आगरा में प्रैक्टिस करने वाला धर्मेन्द्र कुमार S/O कमल प्रसाद मूलरूप से सीवान जिले का रहने वाला है। वर्तमान में वह एनएच-2 स्थित राज नगर कॉलोनी शाहदरा थाना एत्माद्दौला में रह रहा है। वह करीब चार साल से जनरल फिजिशियन के तौर पर मरीजों का उपचार कर रहा है, जबकि दूसरा धर्मेन्द्र कुमार S/O श्रीराम बुलंदशहर के गांव सेंदा,पोस्ट फरीदपुर का निवासी है, जो दूसरे शहर में चिकित्सा सेवाएं दे रहा है ।दरअसल बुलंदशहर के धर्मेन्द्र ने साल 2011 में किंग जॉर्जेज मेडिकल विश्वविद्यालय लखनऊ के एमएलएन मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद से एमबीबीएस किया है। अतिरिक्त शिक्षा के तौर पर साल 2017 में उसने एमएस की डिग्री हासिल की है। यूपी मेडिकल काउन्सिल से 1 जनवरी 2013 को जारी प्रमाण पत्र की संख्या 64345 अंकित है। वहीं आगरा में अपनी सेवाएं देने वाले धर्मेंद्र कुमार कई अस्पतालों में सेवाएं दे रहा है। धर्मेन्द्र के नाम के आगे डॉक्टर ही नहीं लिखा, बल्कि एमबीबीएस भी अंकित है। वर्तमान में उसने अपना क्लीनिक सना पैथोलॉजी ट्रांस यमुना कालोनी रामबाग थाना एत्माद्दौला पर बना रखा है।


जुटाए गये ये सबूत
सूत्रों की मानें तो बीएचएमएस धर्मेन्द्र कुमार पटेल को लेकर जो साक्ष्य जुटाए गए हैं, उनमें पता चला है कि संजीवनी हॉस्पीटल में जून के महीने में हुई प्रसूता की मौत के मामले में ये डॉक्टर आरोपी रहे हैं। एलोपैथिक चिकित्सक की हैसियत इनके द्वारा प्रसूता का इलाज किया गया था।
पीएम रिपोर्ट में सामने आया था कि गर्भाशय क्षत विक्षत होने प्रसूता की मौत हो गई थी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। वहीं सलेमपुर (सिकंदराराऊ) की देवी की नाम की प्रसूता का संजीवनी हॉस्पीटल में ऑपरेशन किया था। इस हॉस्पीटल पर मरीज भर्ती करने पर 10 माह की रोक लगा दी गई थी। उस समय जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी चिकित्सक डॉ. धर्मेन्द्र कुमार पटेल के बयान भी लिए थे।

ये बोले अधिकारी
इस मामले में एसीएमओ डॉ. अजय कपूर ने बताया कि संजीवनी हॉस्पीटल प्रकरण की जांच चल रही है। तीन डॉक्टर के नाम इसमें प्रकाश में आए थे। फाइल देखकर जानकारी दूंगा, कि उस मामले में कौन कौन डॉक्टर रहे। एसीएमओ ने बताया कि इस मामले में हॉस्पीटल के मालिक भूपेन्द्र सहित दो अन्य डॉक्टर भी शामिल थे।