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बबलू यादव हत्याकांड: न्याय के लिए खूब भटका परिवार, खुलासे के बाद भी नहीं संतुष्ट, पढ़िये यूपी में चर्चित इस हत्याकांड की कहानी

Dhirendra yadav

Publish: Sep 23, 2019 09:03 AM | Updated: Sep 23, 2019 09:03 AM

Agra

15 दिसंबर 2018 को थाना सिकंदरा क्षेत्र के ककरैठा निवासी बबलू यादव की सरेशाम हत्या कर दी जाती है।

पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा तो किया, लेकिन परिवार अभी भी इस खुलासे से संतुष्ट नहीं है।

आगरा। 15 दिसंबर 2018 को थाना सिकंदरा क्षेत्र के ककरैठा निवासी बबलू यादव की सरेशाम हत्या कर दी जाती है। इस हत्याकांड के पीछे कौन था, ये खोज पाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रही। बाइक सवारों ने बबलू को गोली मारी और फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन समय के साथ पुलिस जांच भी धीमी होती चली गई, लेकिन बबलू यादव के परिवारीजनों ने पुलिस के सुस्त रवैये को देखते हुए एसएसपी कार्यालय के सामने आत्मदाह करने का प्रयास किया। इसके बाद दबाव में आई पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा तो किया, लेकिन परिवार अभी भी इस खुलासे से संतुष्ट नहीं है।

ये थी घटना
सिकंदरा क्षेत्र में 15 दिसंबर, 2018 को गांव ककरैठा निवासी राजेंद्र यादव के बेटे बबलू यादव (22) की भावना एस्टेट के पास गोविंद पुरी में प्रॉपर्टी डीलिंग की दुकान थी। घटना वाले दिन वो बड़े भाई के बेटे गुल्लू को ट्यूटर के पास छोड़कर घर आ रहा था। रास्ते में दो शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के बाद शूटरों को खोजपाना पुलिस के लिए बेहद मुश्किल हो गया। सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले गए, लेकिन शूटरों का पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग सका।

पुलिस के उड़े होश
15 दिसंबर 2018 को हुई ये वारदात पुलिस फाइलों में गुम होती जा रही थी। परिवार न्याय के लिए भूख हड़ताल पर बैठ गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 19 अगस्त को बबलू यादव की मां, भाई और बहन एसएसपी कार्यालय के सामने पहुंच गए। उनका धैर्य जवाब दे चुका था। तीनों ने खुद पर कैरोसिन डालकर आग लगाने का प्रयास किया। यह देख पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए। एसएसपी ने मामले को तत्काल गंभीरता से लेते हुए खुलासे के लिए टीम गठित कर दीं।

पुलिस ने किया ये खुलासा
सीओ हरीपर्वत एएसपी गोपाल चौधरी ने बताया कि मामले में फिरोजाबाद के निर्भयगढ़ निवासी शूटर सत्यवीर और उसके साथी फिरोजाबाद के रामनगर निवासी दीपा उर्फ दीपू उर्फ सनक सिंह को गिरफ्तार किया है। हत्या की सुपारी प्रॉपर्टी डीलर केके नगर निवासी सलुआ ने पांच लाख रुपये में सत्यवीर को दी थी। घटना वाले दिन सत्यवीर और दीपा के अलावा एलाऊ, टूंडला निवासी संजय एवं निर्भयगढ़ी, फिरोजाबाद निवासी वीनेश दो बाइक से आए थे। संजय और दीपा एक बाइक पर थे, जबकि दूसरी पर सत्यवीर और वीनेश थे। संजय ने गोली मारी थी।


वर्चस्व की जंग में गई जान
प्रॉपर्टी डीलर सलुआ और बबलू जमीनों की खरीदफरोख्त करते थे। कई जमीनों का सौदा बबलू ने कर लिया था। बबलू की तरक्की देखकर सलुआ जलने लगा था। इससे वो बबलू से रंजिश मानने लगा। दोनों में वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई थी। मई, 2017 में सिकंदरा थाने के सामने एक रेस्टोरेंट में सलुआ ने बबलू पर जानलेवा हमला बोला था। इसमें वो जेल भेजा गया था। हत्या की घटना से चार महीने पहले भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ। इस पर सलुआ ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।